EPFO New Rules 2026: PF वेतन सीमा ₹25,000, PF निकासी के नए नियम, ब्याज और पेंशन पर ताज़ा अपडेट
अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी सैलरी से हर महीने PF कटता है, तो पिछले एक साल में EPFO के नियमों में जो बदलाव हुए हैं, वे सीधे आपकी जेब और आपके रिटायरमेंट फंड से जुड़े हैं। सितंबर 2026 में PF के दायरे में आने वाली वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई। अक्टूबर 2025 में PF निकासी के नियम आसान किए गए। मार्च 2026 में ब्याज दर तय हुई, और अब 19 नवंबर को होने वाली अगली बैठक से न्यूनतम पेंशन बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है।
समस्या यह है कि इन सब खबरों के साथ कई अधूरी और भ्रमित करने वाली बातें भी फैल रही हैं। कहीं लिखा है कि PF का 100 प्रतिशत पैसा निकल सकता है, तो कहीं 75 प्रतिशत। कहीं बताया जा रहा है कि UPI और ATM से PF निकालना शुरू हो गया, जबकि आधिकारिक लॉन्च की तारीख अब तक नहीं आई। इस लेख में हमने हर बात को सरल हिंदी में, तारीख और स्रोत के साथ समझाया है, ताकि आप सही फैसला ले सकें।
Gyani Adda (ज्ञानी अड्डा) पर हम जो पक्का है, उसे अलग और जो अभी प्रस्ताव या अनुमान है, उसे अलग बताते हैं। जहाँ अलग-अलग स्रोतों में अंतर मिला, वहाँ हमने साफ़ लिखा है। यह लेख 29 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है।
- PF वेतन सीमा ₹15,000 से ₹25,000: किसे फर्क पड़ेगा और कितना
- PF निकासी के नए नियम: 100% पात्र राशि, 25% न्यूनतम बैलेंस, 12 महीने की सेवा
- EPF ब्याज दर 8.25% और EPFO 3.0 (UPI/ATM) की असली स्थिति
- EPS न्यूनतम पेंशन और 19 नवंबर 2026 की CBT बैठक
- UAN, KYC, ई-नॉमिनेशन और ऑनलाइन क्लेम की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
- आधिकारिक लिंक, 5 FAQs और ज़रूरी सावधानियाँ
एक नज़र में: EPFO के नए नियम (Overview Table)
| विषय | ताज़ा स्थिति |
|---|---|
| PF वेतन सीमा | ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 प्रति माह, 17 सितंबर 2026 से लागू |
| अतिरिक्त कर्मचारी | सरकारी अनुमान: लगभग 51 लाख और कर्मचारी दायरे में (रिपोर्ट के अनुसार) |
| आंशिक निकासी | 13 प्रावधान घटकर 3 श्रेणियाँ; पात्र राशि का 100% तक, 25% न्यूनतम बैलेंस |
| न्यूनतम सेवा | सभी आंशिक निकासी के लिए सिर्फ 12 महीने |
| अंतिम निकासी की प्रतीक्षा | PF: 2 से 12 महीने; पेंशन: 2 से 36 महीने |
| EPF ब्याज (FY 2025-26) | 8.25%, सरकार की मंज़ूरी के बाद जमा |
| न्यूनतम EPS पेंशन | ₹1,000 प्रति माह, 2014 से अपरिवर्तित; बढ़ाने की माँग |
| अगली CBT बैठक | 19 नवंबर 2026 (संभावित), गिर, गुजरात |
| UPI/ATM से PF निकासी | जून 2026 तक लॉन्च नहीं; आधिकारिक तारीख की जानकारी नहीं |
सबसे बड़ी खबर: PF की वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000
रिपोर्टों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 सितंबर 2026 को PF की वेतन सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी और श्रम मंत्रालय ने अगले दिन, 17 सितंबर 2026 को, इसकी अधिसूचना जारी की। अधिसूचना का नंबर कई रिपोर्टों में एस.ओ. 5109(E) बताया गया है, हालाँकि एक वेबसाइट में फाइल के नाम और तारीख में अंतर दिखा, इसलिए गजट की कॉपी से मिलान कर लेना बेहतर है। इसके साथ अनिवार्य PF कवरेज की वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये प्रति माह हो गई, जो 2014 के बाद पहली बढ़ोतरी बताई जा रही है।
इसका सीधा मतलब यह है कि जिन कर्मचारियों का PF वेतन 15,001 से 25,000 रुपये के बीच है, उन्हें अब EPF, EPS और EDLI के दायरे में लाना नियोक्ता के लिए ज़रूरी है। इसके लिए कर्मचारी को अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता, यह ज़िम्मेदारी नियोक्ता की है। सरकारी अनुमान के हवाले से बताया गया है कि लगभग 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी इस बदलाव से EPF के दायरे में आएँगे।
आपके वेतन और PF पर क्या असर पड़ेगा?
PF की दरें नहीं बदली हैं। कर्मचारी की ओर से 12 प्रतिशत और नियोक्ता की ओर से 12 प्रतिशत योगदान ही होगा। बदली है सिर्फ वह रकम, जिस पर यह प्रतिशत लगता है। 25,000 रुपये के आधार पर कर्मचारी का योगदान 3,000 रुपये प्रति माह बनता है। नियोक्ता के 12 प्रतिशत में से 8.33 प्रतिशत, यानी लगभग 2,083 रुपये, EPS (पेंशन) में जाता है और 3.67 प्रतिशत, यानी करीब 917 रुपये, EPF में जमा होता है। यानी इस सीमा पर कुल मासिक PF योगदान 6,000 रुपये होता है, जो पहले 15,000 रुपये की सीमा पर 3,600 रुपये था।
इस बदलाव का असर इस पर निर्भर करता है कि आपकी सैलरी कितनी है और अब तक PF किस आधार पर कट रहा था। एक HR गाइड के उदाहरण के अनुसार, अगर किसी का PF वेतन 20,000 रुपये है, तो उसके हाथ में आने वाली सैलरी लगभग 600 रुपये प्रति माह घट सकती है। जिनका वेतन 25,000 रुपये या उससे ऊपर है और जिनका PF अब तक सिर्फ 15,000 रुपये पर कट रहा था, उनके लिए यह कटौती लगभग 1,200 रुपये प्रति माह हो सकती है। ये आँकड़े उदाहरण भर हैं। असली राशि आपकी सैलरी संरचना और नियोक्ता की नीति पर निर्भर करेगी।
जो कर्मचारी पहले से 25,000 रुपये से ऊपर के वेतन पर PF दे रहे हैं, उन्हें अपना योगदान घटाने की ज़रूरत नहीं है। कुछ विशेषज्ञ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि सितंबर 2026 का वेतन दो हिस्सों में बँटेगा: 1 से 16 सितंबर तक पुरानी सीमा और 17 से 30 सितंबर तक नई सीमा लागू होगी। इस महीने के नए कर्मचारी-हिस्से की वसूली नियोक्ता अक्टूबर के पेरोल में कर सकते थे, पर पूरी रकम सितंबर की ECR में दिखानी थी, जिसकी तारीख 15 अक्टूबर 2026 बताई गई है।
पेंशन और बीमा पर असर
इस कदम से 15,000 से 25,000 रुपये के बीच कमाने वाले कर्मचारियों का पेंशन योगदान भी बढ़ेगा, जिससे भविष्य में उनकी पेंशन का हिसाब बदल सकता है। एक उदाहरण में बताया गया कि नई सीमा पर 20 साल की सेवा के बाद अनुमानित पेंशन लगभग 7,857 रुपये प्रति माह और पुरानी सीमा पर लगभग 4,714 रुपये बनती। यह सिर्फ एक अनुमानित गणना है और असली पेंशन पेंशन योग्य वेतन तथा सेवा की अवधि पर निर्भर करेगी। मौजूदा पेंशनधारकों की पेंशन अपने-आप नहीं बढ़ती। नए कवर हुए कर्मचारियों को EDLI बीमा सुरक्षा भी मिलती है, जिसका अधिकतम लाभ 7 लाख रुपये बताया गया है।
PF निकासी के नए नियम: क्या बदला?
PF निकासी से जुड़ा सबसे बड़ा बदलाव 13 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक में तय हुआ, जिसकी अध्यक्षता श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने की। इससे पहले आंशिक निकासी के लिए 13 अलग-अलग प्रावधान थे, जिनकी शर्तें और सीमाएँ अलग थीं और इसी कारण बहुत से क्लेम खारिज या अटक जाते थे। बोर्ड ने इन सबको मिलाकर एक सरल नियम बना दिया, जिसमें तीन श्रेणियाँ हैं: ज़रूरी ज़रूरतें (बीमारी, शिक्षा, विवाह), आवास की ज़रूरतें और विशेष परिस्थितियाँ।
EPFO की आधिकारिक प्रेस ब्रीफ के अनुसार सदस्य अपनी "पात्र राशि" का 100 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का हिस्सा शामिल है। लेकिन साथ ही सदस्य के योगदान का 25 प्रतिशत हिस्सा "न्यूनतम बैलेंस" के रूप में हमेशा खाते में रखना होगा। इसी वजह से अलग-अलग रिपोर्टों में कहीं 100 प्रतिशत और कहीं 75 प्रतिशत लिखा मिलता है। सरल शब्दों में, आप खाते की पूरी राशि नहीं निकाल सकते, बल्कि कुल राशि का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा निकालने की सुविधा मिलती है। आपके मामले में सटीक पात्र राशि EPFO पोर्टल पर दिखेगी।
सेवा की अवधि, शिक्षा और विवाह की सीमा
पहले अलग-अलग कारणों के लिए अलग-अलग वर्षों की सेवा माँगी जाती थी। अब सभी आंशिक निकासी के लिए केवल 12 महीने की सेवा काफी है। शिक्षा के लिए निकासी अब 10 बार और विवाह के लिए 5 बार तक की जा सकती है, जबकि पहले विवाह और शिक्षा मिलाकर कुल 3 बार की सीमा थी। "विशेष परिस्थितियाँ" श्रेणी में सदस्य बिना कारण बताए आवेदन कर सकता है। मकसद यह है कि क्लेम पूरी तरह स्वचालित हो और कागज़ी झंझट कम हो।
| नियम | पहले | अब (CBT, अक्टूबर 2025) |
|---|---|---|
| आंशिक निकासी के प्रावधान | 13 अलग प्रावधान | 3 श्रेणियाँ |
| न्यूनतम सेवा | अलग-अलग वर्ष | सभी के लिए 12 महीने |
| शिक्षा / विवाह | कुल 3 बार | शिक्षा 10 बार, विवाह 5 बार |
| निकासी की सीमा | श्रेणी के हिसाब से अलग | पात्र राशि का 100% तक |
| न्यूनतम बैलेंस | नहीं | योगदान का 25% रखना ज़रूरी |
नौकरी छोड़ने पर अंतिम निकासी की प्रतीक्षा बढ़ी
जहाँ आंशिक निकासी आसान हुई, वहीं अंतिम निकासी में प्रतीक्षा अवधि बढ़ा दी गई। नौकरी छोड़ने के बाद पूरा PF निकालने (प्रीमैच्योर फाइनल सेटलमेंट) की अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। EPS के तहत अंतिम पेंशन निकासी की अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दी गई है। इसके पीछे विचार यह बताया गया कि लोग नौकरी बदलते ही पूरा फंड न निकाल लें और रिटायरमेंट के लिए बचत और पेंशन का लाभ बना रहे।
यानी अगर आप नौकरी बदलने के बीच कुछ महीनों के लिए खाली हैं, तो पूरा PF निकालने की जगह आंशिक निकासी का रास्ता चुनना पड़ सकता है। पुराने PF को नए खाते में ट्रांसफर करना हमेशा बेहतर विकल्प है, क्योंकि इससे सेवा की निरंतरता और पेंशन की गिनती बनी रहती है। क्लेम के लिए कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि स्वचालित सेटलमेंट की सीमा जून 2025 से 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है। इस पर अपने नवीनतम EPFO सर्कुलर से मिलान कर लें।
EPFO 3.0, UPI और ATM से PF निकासी: असली स्थिति
पिछले कुछ महीनों में सबसे ज़्यादा चर्चा इस बात की रही कि क्या अब UPI या ATM से सीधे PF निकाला जा सकेगा। अक्टूबर 2025 की बैठक में बोर्ड ने EPFO 3.0 नाम के डिजिटल बदलाव ढाँचे को चरणों में लागू करने की मंज़ूरी दी थी। उसके बाद कई रिपोर्टों ने UPI और ATM सेवा के जल्द शुरू होने का दावा किया। लेकिन 16 जून 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार तब तक यह सुविधा चालू नहीं हुई थी, परीक्षण पूरा हो चुका था और आधिकारिक लॉन्च की तारीख घोषित नहीं हुई थी।
प्रस्तावित ढाँचे में सदस्य अपनी पात्र राशि देखकर रकम चुनेंगे, UPI PIN से पुष्टि करेंगे और पैसा उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में आएगा। रिपोर्टों में 50 से 75 प्रतिशत तक निकासी और कम से कम 25 प्रतिशत बैलेंस रखने की बात कही गई है, पर यह प्रस्तावित ढाँचा है और किसी रुपये की सीमा की पुष्टि हमें नहीं मिली। इस लेख को लिखे जाने तक हमें इस सुविधा के आधिकारिक शुरू होने की कोई पुष्ट खबर नहीं मिली, इसलिए किसी भी ऐप या लिंक पर भरोसा करने से पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाँच करें।
EPF ब्याज दर 2025-26: 8.25% पक्का
केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने 2 मार्च 2026 को अपनी 239वीं बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा पर 8.25 प्रतिशत ब्याज की सिफारिश की। यह सिफारिश तब तक अंतिम नहीं होती, जब तक सरकार इसे अधिसूचित न कर दे। रिपोर्टों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने जून 2026 में इस दर को मंज़ूरी दे दी, यानी यह लगातार तीसरा साल है जब दर 8.25 प्रतिशत रही। इससे पहले 2022-23 में दर 8.15 प्रतिशत और 2021-22 में 8.10 प्रतिशत थी, जो 1977-78 के बाद सबसे कम दरों में गिनी जाती है।
सात करोड़ से ज़्यादा योगदान करने वाले सदस्यों के खातों में यह ब्याज जमा होना शुरू होने की रिपोर्टें जुलाई 2026 में आईं। अगर आपके खाते में अब तक ब्याज न दिखे तो EPFO पासबुक पोर्टल पर अपना बैलेंस जाँचें, क्योंकि ब्याज जमा होने में कुछ समय लग सकता है। यह भी याद रखें कि सालाना 2.5 लाख रुपये से ऊपर के कर्मचारी योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर के नियम अलग हैं, इसलिए बड़े योगदान वाले सदस्य अपने CA से सलाह लें।
EPS पेंशन: न्यूनतम पेंशन पर नज़र 19 नवंबर की बैठक पर
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन अब भी 1,000 रुपये है, जो सितंबर 2014 के बाद से नहीं बदली। ट्रेड यूनियनें और पेंशनर्स के संगठन लंबे समय से इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति माह और महँगाई भत्ते के साथ करने की माँग कर रहे हैं। केंद्र सरकार इस 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन को बजटीय सहायता से बनाए रखती है।
रिपोर्टों के अनुसार CBT की 240वीं बैठक 19 नवंबर 2026 को गुजरात के गिर में होने की संभावना है। यह बैठक वित्त वर्ष की पहली बैठक होगी और नई दिल्ली के बाहर यह 2022 के गुवाहाटी की बैठक के बाद पहली बैठक बताई गई है। बैठक का एजेंडा अभी तय नहीं है, पर संभावित मुद्दों में EPF योजना के और सुधार, EPFO की नई वेबसाइट, डिजिटल ढाँचे की पहलें, 25,000 रुपये की वेतन सीमा की समीक्षा और न्यूनतम पेंशन पर चर्चा शामिल बताई गई है। न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर कोई आधिकारिक फैसला अब तक नहीं हुआ है और किसी नई राशि की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए कोई भी "पेंशन बढ़कर इतनी हुई" वाला दावा अभी अपुष्ट है।
CBT के अन्य अहम फैसले जो आपको जानने चाहिए
2 मार्च 2026 की 239वीं बैठक में कई और फैसले हुए। पहला, 1,000 रुपये या उससे कम बैलेंस वाले निष्क्रिय खातों का स्वचालित निपटान, जिसकी पहली चरण में करीब 1.33 लाख खाते और लगभग 5.68 करोड़ रुपये आते हैं। यह रकम सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाएगी। EPFO के अनुसार कोई खाता तब निष्क्रिय माना जाता है जब 55 वर्ष की उम्र या रिटायरमेंट के बाद लगातार तीन साल तक कोई योगदान न हो।
दूसरा, श्रम संहिता में सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत EPF योजना 2026, EPS 2026 और EDLI योजना 2026 को मंज़ूरी दी गई, जो मौजूदा योजनाओं की जगह लेंगी। तीसरा, छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के लिए एक बार की माफी योजना, जिसमें छह महीने की अनुपालन अवधि दी गई और ऐसे संस्थानों पर क्षतिपूर्ति, ब्याज और जुर्माना माफ करने का प्रावधान है। अक्टूबर 2025 की बैठक में विश्वास योजना भी आई, जिसमें दंडात्मक क्षतिपूर्ति की दर 0.25, 0.50 और 1 प्रतिशत प्रति माह के स्तरों पर तय की गई।
पेंशनभोगियों के लिए एक सुविधा यह है कि EPFO और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बीच समझौते के तहत EPS-95 पेंशनरों को घर पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सेवा 50 रुपये प्रति प्रमाण पत्र की लागत पर मिलेगी, और यह लागत EPFO वहन करेगा। बुज़ुर्ग पेंशनर्स के लिए यह खासकर उपयोगी है।
UAN, KYC और ई-नॉमिनेशन: क्लेम अटकने से बचने के लिए
अधिकांश PF क्लेम इसलिए अटकते हैं कि UAN, आधार, बैंक खाता, PAN या मोबाइल नंबर आपस में मेल नहीं खाते। नाम की स्पेलिंग, जन्म तारीख या बैंक के IFSC कोड में छोटी सी गलती भी क्लेम को रोक सकती है। इसलिए अपने UAN को आधार से जोड़ें, बैंक खाता सत्यापित करें और मोबाइल नंबर को चालू रखें। नए UAN के आवंटन के लिए EPFO ने UMANG पर आधार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा दी है, और कुछ रिपोर्टों के अनुसार पोर्टल से सीधे UAN जारी करने की सुविधा बंद कर दी गई है। इसकी सटीक तारीख हमें नहीं मिली, इसलिए अपडेट के लिए EPFO पोर्टल देखें।
ई-नॉमिनेशन भी ज़रूरी है। रिपोर्टों के अनुसार EPF योजना 2026 में इसे अनिवार्य बताया गया है और इसे नौकरी के दौरान भरा या बदला जा सकता है। सदस्य की मृत्यु की स्थिति में परिवार को PF, पेंशन और बीमा का लाभ बिना झंझट मिले, इसके लिए नामांकित व्यक्ति का नाम पहले से दर्ज होना बहुत मदद करता है।
PF क्लेम ऑनलाइन करने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
PF की आंशिक या अंतिम निकासी के लिए आप EPFO के मेंबर पोर्टल से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। नीचे दिया क्रम सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन पोर्टल का इंटरफ़ेस बदलता रहता है, इसलिए स्क्रीन पर दिए निर्देश भी देखें।
- UAN एक्टिवेट करें। अपने UAN को मोबाइल नंबर से सक्रिय करें और पासवर्ड बनाएँ।
- KYC जाँचें। आधार, PAN और बैंक खाते की जानकारी "मैनेज" सेक्शन में सत्यापित है या नहीं, देखें।
- मेंबर पोर्टल में लॉग-इन करें। UAN और पासवर्ड से EPFO का यूनिफाइड मेंबर पोर्टल खोलें।
- "ऑनलाइन सर्विसेज" में क्लेम चुनें। अपनी पात्रता के अनुसार अंतिम निकासी, पेंशन या आंशिक अग्रिम का फॉर्म चुनें।
- बैंक खाता सत्यापित करें। जिस खाते में पैसा चाहिए, उसके अंतिम चार अंक भरकर पुष्टि करें।
- कारण और राशि चुनें। श्रेणी (ज़रूरी ज़रूरतें, आवास या विशेष परिस्थिति) और निकासी की राशि भरें।
- आधार OTP से सबमिट करें। क्लेम जमा होने के बाद उसका स्टेटस पोर्टल पर देखते रहें।
वे गलतियाँ जो क्लेम खारिज करवाती हैं
सबसे आम गलती है आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम का अंतर, जिसे भरते समय लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। दूसरी गलती है जन्म तारीख या नौकरी छोड़ने की तारीख का मेल न खाना, जिसे पुराने नियोक्ता से ठीक कराना पड़ता है। तीसरी गलती है गलत बैंक खाता या IFSC कोड देना। चौथी गलती है किसी एजेंट या फर्जी कॉल पर भरोसा करके अपना OTP बता देना। EPFO कभी फोन पर आपसे OTP, पासवर्ड या बैंक की गोपनीय जानकारी नहीं माँगता। कोई भी ऐसा कॉल या संदेश मिले तो उसे अनदेखा करें और आधिकारिक हेल्पलाइन या पोर्टल पर ही शिकायत करें।
आधिकारिक लिंक (Official Links)
- EPFO की आधिकारिक वेबसाइट (epfindia.gov.in)
- EPFO यूनिफाइड मेंबर पोर्टल: क्लेम, KYC और पासबुक
- UMANG: UAN और अन्य EPFO सेवाएँ
- श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय (labour.gov.in)
- PIB: 239वीं CBT बैठक के फैसले (2 मार्च 2026)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या PF का 100 प्रतिशत पैसा निकाला जा सकता है?
आधिकारिक ब्रीफ के अनुसार आप पात्र राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं, लेकिन सदस्य योगदान का 25 प्रतिशत न्यूनतम बैलेंस के रूप में खाते में रखना ज़रूरी है। यानी पूरा खाता खाली नहीं होता।
प्रश्न 2: PF की नई वेतन सीमा कब से लागू है?
रिपोर्टों के अनुसार 17 सितंबर 2026 से अनिवार्य PF कवरेज की वेतन सीमा 15,000 से बढ़कर 25,000 रुपये प्रति माह हो गई है। PF की दरें नहीं बदलीं, केवल गणना का आधार बदला है।
प्रश्न 3: क्या UPI या ATM से PF निकालना शुरू हो गया है?
जून 2026 की रिपोर्टों के अनुसार तब तक नहीं और आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई थी। हमें अब तक इसके चालू होने की पुष्ट खबर नहीं मिली, इसलिए EPFO की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार करें।
प्रश्न 4: EPF पर इस साल कितना ब्याज मिला?
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय हुई, जिसे जून 2026 में सरकार की मंज़ूरी मिलने की खबर आई। यह लगातार तीसरा साल है जब दर यही रही।
प्रश्न 5: क्या न्यूनतम पेंशन बढ़ गई है?
अभी नहीं। न्यूनतम EPS पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह है। इसे बढ़ाने की माँग पर 19 नवंबर 2026 की संभावित CBT बैठक में चर्चा हो सकती है, पर कोई आधिकारिक फैसला अभी नहीं हुआ है।
निष्कर्ष (Conclusion)
EPFO के नए नियमों को एक पंक्ति में समझें तो सरकार PF का दायरा बढ़ा रही है, निकासी को आसान और डिजिटल बना रही है, लेकिन साथ ही रिटायरमेंट के लिए एक हिस्सा खाते में रोककर रखने पर ज़ोर दे रही है। वेतन सीमा 25,000 रुपये होने से करोड़ों कर्मचारियों की बचत और पेंशन का आधार मज़बूत होगा, भले ही टेक-होम सैलरी थोड़ी घटे। अंतिम निकासी की प्रतीक्षा अवधि बढ़ने से जल्दबाज़ी में पूरा PF निकालना मुश्किल होगा।
आगे की नज़र 19 नवंबर की CBT बैठक पर रहेगी, जहाँ न्यूनतम पेंशन और वेतन सीमा की समीक्षा जैसे मुद्दे उठ सकते हैं। तब तक अपनी UAN, KYC और ई-नॉमिनेशन की जानकारी सही रखें, सैलरी स्लिप में PF वेतन जाँचें और केवल आधिकारिक पोर्टल या सर्कुलर पर भरोसा करें।
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जानकारी के स्रोत
- EPFO प्रेस ब्रीफ: 238वीं CBT बैठक (13 अक्टूबर 2025)
- PIB: 239वीं CBT बैठक के फैसले (2 मार्च 2026)
- Business Today: 19 नवंबर की CBT बैठक (12 अक्टूबर 2026)
- Angel One: न्यूनतम पेंशन प्रस्ताव, 19 नवंबर 2026
- Keka: PF वेतन सीमा ₹25,000
- KPMG: भारत में EPF वेतन सीमा में बदलाव
- CompanyJi: EPFO नए नियम 2026 (26 अक्टूबर 2026)
- ThePrint: 8.25% ब्याज दर की मंज़ूरी
- LatestLY: EPFO 3.0 और UPI निकासी
- Deccan Herald: EPFO निकासी के 7 बड़े बदलाव
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किया गया है और यह वित्तीय, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं है। Gyani Adda का EPFO या श्रम मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है। कई विवरण द्वितीयक समाचार स्रोतों और HR गाइडों पर आधारित हैं, और वेतन व पेंशन के उदाहरण केवल अनुमानित हैं। नियम, तारीखें और सीमाएँ बदल सकती हैं। निर्णय लेने से पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट, ताज़ा सर्कुलर और अपने नियोक्ता या योग्य सलाहकार से पुष्टि ज़रूर करें।
लेख में प्रयुक्त चित्र Gyani Adda द्वारा बनाए गए प्रतीकात्मक इलस्ट्रेशन हैं। वे किसी सरकारी दस्तावेज़ या प्रतीक का प्रतिनिधित्व नहीं करते।